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नवमी के दिन करते है माँ सिद्धिदात्री की पूजा , खुद भगवान शिव भी करते है माँ की उपासना

Written by newsbreaklive

आज नवमी है यानी  नवरात्र का नौवां दिन। इस दिन माँ दुर्गा के नौवें रूप को पूजते है। नवमी काफी वजहों से ख़ास है सबसे पहले तो इस दिन हम दुर्गा  माँ के नौवें रूप यानी  माँ सिद्धिदात्री की  उपासना करते है , दूसरी बात ये कि खुद शिव भगवान भी नवरात्र के नौवे दिन माँ सिद्धिदात्री की उपासना  करते है।  इस दिन भी कई भक्त अपने घरों में कंजकों को बिठाते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं।

कौन का माँ सिद्धिदात्री ?

भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही आठ सिद्धियों को प्राप्त किया था। इन सिद्धियों में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व शामिल हैं। इन्हीं माता की वजह से भगवान शिव को अर्द्धनारीश्वर नाम मिला, क्योंकि सिद्धिदात्री के कारण ही शिव जी का आधा शरीर देवी का बना। हिमाचल का नंदा पर्वत इनका प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि जिस प्रकार इस देवी की कृपा से भगवान शिव को आठ सिद्धियों की प्राप्ति हुई ठीक उसी तरह इनकी उपासना करने से बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है।

कैसा है माँ सिद्धिदात्री का रूप ?

माँ सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान होती है। चार भुजाओं वाली मां सिद्धिदात्री लाल साड़ी में होती हैं। माँ के चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा और कमल रहता है। सिर पर ऊंचा सा मुकूट और चेहरे पर मंद मुस्कान और यही है मां सिद्धिदात्री की पहचान।

कैसे करें माँ सिद्धिदात्री की पूजा

घी का दीपक जलाने के साथ-साथ मां सिद्धिदात्री को कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जो भी फल या भोजन मां को अर्पित करें वो लाल वस्त्र में लपेट कर दें। साथ ही नवमी पूजने वाले असहायकों को भोजन कराने के बाद ही खुद भोजन ग्रहण करें।

आप सभी को नवमी कि हार्दिक शुभकामनाएं…

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